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अब सात बिंदुओं पर पुलिस देगी रिपोर्ट, तभी बनेगा असलहा का लाइसेंस

उत्तर प्रदेश

असलहा के शौकीनों के लिए यह महत्वपूर्ण खबर है। असलहा लाइसेंस के लिए लंबित दो हजार से अधिक आवेदनों को प्रशासन ने थानों को लौटा दिया है। आवेदकों के बारे में पुलिस से सात बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगी गई है। विपक्षी जमानत पर रिहा है या नहीं, कोर्ट से वारंट लंबित तो नहीं है। थाने से कार्रवाई के बाद भी विपक्षी से आवेदक को खतरा बरकरार है क्या? आवेदक के वर्तमान आचरण के संबंध में भी आख्या मांगी गई है।

प्रदेश सरकार ने 2018 में लाइसेंस जारी करने पर लगी रोक हटा दी थी। इसके बाद आवेदनों की बाढ़ सी आ गई। कलक्ट्रेट स्थित शस्त्र अनुभाग में फार्म लेने की भीड़ लग गई। कुछ ही महीनों में हजारों आवेदन जमा हो गए। प्रशासनिक आंकड़ों पर नजर डालें तो 2018 के बाद से अब तक 10 हजार से अधिक आवेदन हुए हैं। इनमें से कुछ के ही लाइसेंस बने हैं। ज्यादातर को पुलिस-प्रशासन ने रिपोर्ट के आधार पर निरस्त कर दिया है। अभी दो हजार से अधिक आवेदन लंबित हैं।

आवेदक लाइसेंस के लिए कलक्ट्रेट के चक्कर काट रहे हैं। अब कुछ दिन पहले प्रशासन ने इन सभी आवेदनों को संबंधित थानों में भेज दिया है। इन पर सात बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगी गई है। आवेदक को शस्त्र जरूरत क्यों है, क्या वाकई उसकी जानमाल को खतरा है? आवेदक को विपक्षी से किस कारण से खतरा है? विपक्षी के खिलाफ थाना स्तर से क्या कार्रवाई हुई है? आवेदक के विपक्षी के पास शस्त्र लाइसेंस है या नहीं। थाने से इसकी संस्तुति हुई थी या नहीं। विपक्षी जमानत पर रिहा है या नहीं, कोर्ट से वारंट लंबित तो नहीं है। थाने से कार्रवाई के बाद भी विपक्षी से आवेदक को खतरा बरकरार है क्या? आवेदक के वर्तमान आचरण के संबंध में भी आख्या मांगी गई है।

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